सतना। मध्यप्रदेश के चार जिलों में दस्तक न्याय एवं बाल अधिकार यात्रा निकाली जा रही है। इस दौरान तरह—तरह के अच्छे और बुरे अनुभव सामने आ रहे हैं। सतना जिले के एक गांव में एक ऐसे नेत्रहीन व्यक्ति मिले जो सत्तर साल के होने के बावजूद पेंशन से वंचित हैं। वह कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं। उनसे कहा जाता है कि वे जब अस्सी साल के हो जाएंगे तब उनकी पेंशन दी जाएगी।
सतना से शिवकैलाश की रिपोर्ट....
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